Thursday, August 10, 2017

दरारें देशों के बीच


2 comments:

  1. हर शब्द अपनी दास्ताँ बयां कर रहा है आगे कुछ कहने की गुंजाईश ही कहाँ है बधाई स्वीकारें

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    1. ब्लॉग पर आपका स्वागत है संजय जी . उत्साह वर्धन के लिए बहुत बहुत शुक्रिया. आशा है आपकी प्रतिक्रियाएं और मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा . सादर

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